मंगलवार, 20 जून 2023

ताजिंदरपाल सिंह तूर, जो एशियाई खेलों के शॉट पुट चैंपियन 2023.



ताजिंदरपाल सिंह तूर, जो एशियाई खेलों के शॉट पुट चैंपियन.

तेजिंदर पाल सिंह तूर एक अभियांत्रिकी में अभिनव खिलाड़ी हैं, खासकर शॉट पुट में अपनी पकड़ के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी 21.49 मीटर की दूरी वाली फेंक के आउटडोर एशियाई और राष्ट्रीय रिकॉर्ड के धारक होने के लिए पहचानी जाती है, जिसने उन्हें टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करवाया। उनकी जन्म तिथि से संबंधित जानकारी नहीं है, लेकिन उनकी शारीरिक विवरण में 193 सेमी (6' 4") की ऊंचाई और लगभग 90 किलोग्राम (198 पाउंड) का वजन शामिल है।

व्यक्तिगत जीवन की दृष्टि से, तेजिंदर पाल सिंह तूर की शादी सन्दीप धिल्लोन तूर नामक एक शिक्षिका से 8 अक्टूबर 2021 को हुई। उनके पिता का नाम करम सिंह है, जो एक किसान हैं, और माता प्रित पाल कौर एक गृहिणी हैं। उनकी एक बहन भी है, जिसका नाम नवदीप कौर है।

तेजिंदर पाल सिंह तूर की करियर को शॉट पुटर के रूप में उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों और पुरस्कारों ने चिह्नित किया है

। उन्होंने 2017 में एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 19.77 मीटर की फेंक के साथ रजत पदक जीता। अगले साल, उन्होंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता, राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए 20.75 मीटर की दूरी फेंकी। उन्होंने दक्षिण एशियाई खेलों, एशियाई चैम्पियनशिप और राष्ट्रीय इंटर-स्टेट एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीते हैं।

उनकी करियर को मोहिंदर सिंह ढिल्लोन ने उनके कोच के रूप में गाइड किया है। ढिल्लोन के मार्गदर्शन में, तूर ने शानदार सफलता प्राप्त की है और अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया है।

सम्मानों की दृष्टि से, टेजिंदर पाल सिंह तूर ने 2018 में इंडियन आइकॉनिक अवार्ड प्राप्त किया है, जिससे उनके खेल के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता मिली। 2019 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया, जो उनके खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों

 की मान्यता करता है।

तेजिंदर पाल सिंह तूर की यात्रा में चुनौतियों की भी थी। 2022 में, उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ग्रॉइन मसल के चोट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें खेल में भाग नहीं लेने दिया गया। एक साक्षात्कार में, उन्होंने इस चोट के बारे में बात की और कहा, "आज मेरे लिए एक कठिन दिन था। मैं जैसा चाहता था, वैसा प्रदर्शन नहीं कर सका। चोटें मेरे आसपास लगातार आ रही हैं। पिछले साल मेरी कलाई और अब मेरी जांघ में चोट आई है, जो मेरे प्रदर्शन पर असर डाली।"

तेजिंदर पाल सिंह तूर के बारे में दूसरी रोचक जानकारी शामिल है कि उनके बाप की मृत्यु के बाद, उन्हें उस बंदूक का हीरा मिला था। उन्होंने एक साक्षात्कार में इसके बारे में बात की और कहा, "उनके लिए एक बंदूक सुरक्षा के हिसाब से खेत में थी, और वही एकमात्र चीज़ थी जिसे उन्होंने मेरे लिए छोड़ा था।"

तेजिंदर पाल सिंह तूर ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी अपना समय उपयोगी बनाया। उन्होंने आत्मनिर्भरता की पहल के तहत खेती की शुरुआत की और अपने खेत में सब्जियां उगानी शुरू की। वहां परिवार के साथ समय बिताने और शांति प्राप्त करने का भी आनंद लिया।


 ताजिंदरपाल सिंह तूर, जो एशियाई खेलों के शॉट पुट चैंपियन हैं, ने बेल्लारी, कर्नाटक में आयोजित इंडियन ओपन थ्रोज कंपटीशन 2023 में सोमवार को स्वर्ण पदक जीता।

"जीवन एक मार्गदर्शक है, और हमें हर दिन नई शुरुआत का आशा रखनी चाहिए।"


ताजिंदरपाल सिंह तूर, जो पिछले महीने कजाखस्तान में आयोजित एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीते थे, ने बेल्लारी के इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (आईआईएस) में अपना शीर्षक संशोधित करते हुए 19.95 मीटर की नई रिकॉर्ड के साथ अपना खिताब अपने नाम किया।


इस प्रक्रिया में, ताजिंदरपाल सिंह तूर ने भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन द्वारा पुरुषों की शॉट पुट में एशियाई खेलों के लिए निर्धारित 19.00 गुण का पार किया है।


एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले करनवीर सिंह ने भी एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाइंग मानदंड पूरे करते हुए 19.54 मीटर का रजत पदक जीता। साहिब सिंह ने 10 खिलाड़ियों की टक्कर में 18.77 मीटर की कोशिश से कांस्य पदक जीता।


ताजिंदरपाल सिंह तूर अपने शॉट पुट कौशल और निरंतरता के लिए प्रसिद्ध हैं, और उन्होंने इंडियन ओपन थ्रोज कंपटीशन में दिखाए गए प्रदर्शन से इसे साबित किया है। उनके स्वर्ण पदक और नया रिकॉर्ड से नहीं सिर्फ उन्होंने अपनी प्रभुत्वता स्थापित की है, बल्कि इसने उन्हें आगामी एशियाई खेलों के लिए पात्रता भी दिलाई है।


ताजिंदरपाल सिंह तूर ने अपनी इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास के साथ व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना किया है और इंटरनेशनल स्तर पर अपना प्रभाव डालने की दिशा में अग्रसर हुए हैं। आने वाले विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन की प्रतीक्षा आथलेटिक समुदाय द्वारा उम्मीदवार है।


ताजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉट पुट के अलावा अन्य भी अद्वितीय कार्रवाईयों में अपना नाम किया है। उन्होंने 2022 के एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक था और वह भारतीय इतिहास में इस वर्ग के पहले खिलाड़ी बने।


ताजिंदरपाल सिंह तूर का जन्म 24 नवंबर 1994 को पंजाब के गर्डानीवाला गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी खेल की करियर को बचपन में ही शुरू किया और उन्हें अपने परिवार का बहुत समर्थन मिला। उनके पिता ने उन्हें खेल में प्रशिक्षण दिया और उनकी प्रगति को प्रोत्साहित किया।


ताजिंदरपाल सिंह तूर की लगातार सफलताएं उन्हें भारतीय खेल प्रशासनिक और खेल के क्षेत्र में एक प्रमुख व्यक्ति बना दिया है। उन्हें विभिन्न सरकारी और खेल संगठनों द्वारा सम्मानित किया गया है और उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। वह न केवल एक मार्गदर्शक और प्रेरक हैं, बल्कि एक माहिर एथलीट भी हैं जो दूसरों के लिए आदर्श हैं।


ताजिंदरपाल सिंह तूर के उच्च स्तरीय प्रदर्शन ने भारतीय खेल को गर्व के साथ नई पहचान दिलाई है। उनका योगदान खेल की दुनिया में महत्वपूर्ण है और उन्हें उनकी साहसिकता और मेहनत के लिए सराहा जाता है। उनकी उपलब्धियों से हमें संजीदा होना चाहिए कि हमारे सपने हकीकत में बदल सकते हैं, बस हमें मेहनत और समर्पण की आवश्यकता होती है।



ताजिंदरपाल सिंह तूर ने एथलेटिक्स में अनेक अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कई बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, जैसे कि ओलंपिक खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेल और विश्व चैम्पियनशिप्स। उनके द्वारा दर्ज किए गए कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हैं स्वर्ण पदक जीतना और राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाना।


ताजिंदरपाल सिंह तूर की खेल के अलावा उनकी सामाजिक सेवा में भी एक महत्वपूर्ण योगदान है। वह युवाओं को प्रेरित करने और स्वयंसेवी भावना को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों को आदर्श बनाने के लिए बड़ी मेहनत की है और उनकी सफलता के माध्यम से वह लोगों को आत्मविश्वास देते हैं।


ताजिंदरपाल सिंह तूर का योगदान खेल क्षेत्र में, सामाजिक क्षेत्र में और राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान है। उनकी प्रेरणादायक कहानी और सफलता की यात्रा हमें यह बताती है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए समर्पण और मेहनत अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।

"अपने सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा मेहनत करें, क्योंकि अगर आपकी मेहनत पर विश्वास हो तो सपने हकीकत में बदल सकते हैं।"


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